आंबेडकर ही रामचंद्र हैं



आंबेडकर ही रामचंद्र हैं

ब्राह्मणवादियों को खुश कर रहा हूँ कि बाबा साहब के रूप में विष्णु ने ११वां अवतार लेकर शूद्रो के कल्याण का विधान देकर अपनी भूल में सुधार किया है! जैसाकि त्रेता में बाली को छिपकर मारने की जो भूल रामचंद्र ने की थी उसका सुधार द्वापर में कृष्ण ने बहेलिये का तीर खा कर की थी ! उसी प्रकार सम्बूक ऋषि के वध की जो भूल रामचंद्र ने त्रेता में की थी उसी का सुधार कलयुग बाबा साहब के रूप में का जन्म लेकर शूद्र शिक्षा का विधान देकर भूल-सुधार की है इसलिए बाबा साहब राम और कृष्ण के सामान ही पूजनीय हैं! साकेत में बाबा साहब की मूर्ति रामलला के स्थान पर लगनी चाहिए !

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